हरियाणा के डीजीपी ने आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या पर पहली बार प्रतिक्रिया दी
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के एक महीने बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस घटना से विभाग ने महत्वपूर्ण सीख ली है, लेकिन अपराध के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखना जरूरी है।
पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग इस दुखद घटना से सबक लेकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा, “हमें इस घटना का गहरा दुख है, लेकिन हमारा मुख्य कार्य अपराध से लड़ना है। अपराधियों ने युद्धविराम नहीं किया है, इसलिए हमें भी रुकने का अधिकार नहीं है। हमें अपने मिशन में निरंतरता बनाए रखनी होगी।”
भेदभाव और आत्महत्या के मुद्दे पर विभाग का दृष्टिकोण
वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट में जातिगत भेदभाव और अपमान का जिक्र था, जिस पर डीजीपी ने कहा, “पुलिस सेवा कोई नौकरशाही नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदारी है। जो इस पद पर आते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि वे समाज की सेवा कर रहे हैं। यदि कोई इस जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम नहीं है, तो वे तुरंत पद छोड़ सकते हैं।”
संदीप लाठर की आत्महत्या के मामले में डीजीपी ने कहा कि विभाग ने उनके परिवार को मानवीय आधार पर सहायता प्रदान की है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में एक नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो सीधे अदालत को रिपोर्ट सौंपेगी।











