हरियाणा पुलिस का साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश
हरियाणा पुलिस की साइबर टीम ने नूंह जिले में एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन धोखाधड़ी, सेक्सटॉर्शन, कर चोरी और फर्जी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और उनके अपराध का तरीका
पुलिस ने इन आरोपियों की पहचान अरशद और वसीम (चिट्टोरा गांव, नूंह), आमिर (लुफरी गांव, नूंह), साबिर खान और जलालुद्दीन (अलवर, राजस्थान), साथ ही सत्याम सिंह (जालौन, उत्तर प्रदेश) के रूप में की है। जांच में पता चला कि अरशद और वसीम बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। वे केवाईसी अपडेट, खाता बंद होने या इनाम जीतने का झांसा देकर ओटीपी और बैंक विवरण प्राप्त कर लेते थे।
ऑनलाइन फ्रॉड का विस्तृत तरीका और नेटवर्क का संचालन
इसके बाद ये आरोपी खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। आमिर सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर युवाओं को फंसाता और फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था। साबिर खान पुराने सिक्के और नोट खरीदने-बेचने के नाम पर लोगों से पैसा वसूलता था। जलालुद्दीन फर्जी बैंक अकाउंट खोलने का काम करता था, जबकि सत्याम सिंह पूरे नेटवर्क का संचालन जालौन से करता था।
आरोपियों के संबंध और पुलिस की कार्रवाई
एएसपी यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सक्रिय अन्य साइबर गिरोहों से भी है। ये लोग ठगी की रकम को विभिन्न राज्यों के बैंक खातों और ई-वॉलेट्स में ट्रांसफर कर अपनी पहचान छुपाते थे। पुलिस ने उनके पास से छह मोबाइल फोन, दस सिम कार्ड, एक कार, एक बाइक और अन्य सामग्री जब्त की है। फिलहाल, पुलिस इनसे पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और तकनीकी साक्ष्यों की खोज कर रही है।











