हरियाणा के जींद में एएसआई संदीप की आत्महत्या का मामला
हरियाणा के जींद जिले में एएसआई संदीप की आत्महत्या से जुड़ा मामला सुर्खियों में है। मृतक के ताऊ के लड़के शशिपाल ने इस घटना पर महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि परिवार को इस घटना की जानकारी टीवी के माध्यम से मिली। जब परिवार ने तस्वीरें देखीं, तो उन्होंने टीवी बंद कर दिया क्योंकि वे उस समय रिश्तेदारी में थे। संदीप पिछले पांच से छह वर्षों से रोहतक में रह रहे थे। उनके दादा भी सेना में थे और 1965 की तीनों युद्धों में भाग लिया था।
परिवार का शव सौंपने से इनकार और आरोप-प्रत्यारोप
मृतक पुलिसकर्मी के परिवार ने पुलिस प्रशासन को शव सौंपने से इनकार कर दिया है। उन्होंने अपने गांव लाढोत ले जाने का फैसला किया है। शशिपाल ने आरोप लगाया कि संदीप ने उन्हें बताया था कि उन्होंने आईजी पूरन कुमार के गनमैन को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें टॉर्चर किया जा रहा था। संदीप के भाई का कहना है कि उनका भाई शहीद हुआ है क्योंकि उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने भगत सिंह की तुलना करते हुए कहा कि जैसे उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, वैसे ही संदीप ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष किया है।
संबंधित खबरें और संपत्ति जांच की मांग
इस मामले में शशिपाल ने आरोप लगाया कि सरकार को आईजी पूरन कुमार की संपत्ति की जांच करनी चाहिए। उनके अनुसार, पूरन कुमार के पास दो से तीन हजार करोड़ रुपये की संपत्ति है। परिवार की मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। उल्लेखनीय है कि पूरन कुमार ने पहले भी आत्महत्या की थी, और संदीप इसी मामले में कार्रवाई कर रहे थे। संदीप के परिवार में उनकी मां, पत्नी, सात साल का बेटा और दो बेटियां हैं। परिवार ने घटना की खबर टीवी पर देखी थी।











