गुजरात में किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता बढ़ी
गुजरात में कपास की उचित कीमत न मिलने के कारण किसानों में असंतोष फैल रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। पार्टी के किसान सेल के अध्यक्ष राजू करपड़ा को बोटाद पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी ने रविवार को किसान महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। यह कदम किसानों के हक में आवाज उठाने के लिए उठाया गया है।
किसानों के समर्थन में महापंचायत का आह्वान
ईशुदान गढ़वी ने स्पष्ट किया कि वे रविवार शाम पांच बजे बोटाद पहुंचेंगे और वहां किसान महापंचायत का आयोजन करेंगे। उनका कहना है कि यदि प्रशासन धारा 144 लागू करता है, तो भी वे किसानों की आवाज को दबने नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ, तो राज्य के सभी मार्केटिंग यार्डों में इसी तरह के आंदोलन चलाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व अरविंद केजरीवाल को भी इस आंदोलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।
कपास की खरीद में हो रही अनियमितताएं और किसानों का विरोध
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि मार्केटिंग यार्ड में कपास की खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। किसानों का कहना है कि कपास का मूल्य 1300 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था, लेकिन दलाल या खरीदार केवल 1150 रुपये देने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ मामलों में तो कपास को “भीगा” कहकर कम कीमत पर खरीदने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों का आंदोलन और सरकार पर दबाव
गढ़वी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के परिवारों में भी किसान हैं, इसलिए उन्हें समझना चाहिए कि किसानों के साथ हो रही लूट कितनी गंभीर समस्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का भ्रष्टाचार सबके सामने है। यदि राज्य सरकार किसानों की पीड़ा को नहीं सुनेगी, तो किसानों का विरोध और तेज हो जाएगा। किसानों का यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है, जो सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।











