दिल्ली में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
दिल्ली के कॉलेज जाने वाली छात्राओं ने अपने रोजमर्रा के जीवन में महसूस होने वाली असुरक्षा और भय को साझा किया है। उनका कहना है कि वे अपने कॉलेज परिसर में भी पूरी तरह से सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। इन छात्राओं का अनुभव है कि बस से कॉलेज पहुंचने तक का सफर भी उनके लिए सुरक्षित नहीं है।
एक छात्रा ने बताया कि नॉर्थ कैंपस में विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने अपने गार्जियन के साथ अपनी लाइव लोकेशन साझा की थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मदद मिल सके। यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है, क्योंकि छात्राओं को अपने आसपास की असमान सुरक्षा व्यवस्था का भी सामना करना पड़ता है।
पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था में खामियां
छात्राओं ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में पुलिस की गश्त में असमानता पर भी चिंता जताई है। खासकर बाहरी इलाकों में सुरक्षा का अभाव महसूस किया जाता है। रिठाला स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रों ने बताया कि कम रोशनी वाले रास्तों से गुजरना उनके लिए रोजाना का एक बड़ा संघर्ष है।
महिलाओं के लिए अनिश्चितता और असुरक्षा का माहौल
एक महिला ने बताया कि सामान्य शारीरिक संपर्क के दौरान भी उन्हें अनिश्चितता का अनुभव होता है। यदि कोई व्यक्ति उनके पास से गुजरते हुए उन्हें छू ले, तो उन्हें यह समझ नहीं आता कि यह गलती से हुआ या जानबूझकर। इस तरह की अनिश्चितता ही उन्हें असुरक्षित महसूस कराती है, जो उनके मनोबल को प्रभावित करती है।









