तालिबान समर्थक संगठन TTH का संदिग्ध नेटवर्क
तहरीके तालिबान हिंदुस्तान (TTH) नामक संगठन का प्रचार प्रसार करने के पीछे पाकिस्तान के गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) और अपने सहयोगियों आबिद जट्ट और अजमल गुज्जर के साथ मिलकर इस संगठन का प्रचार कर रहा है।
दिल्ली में ग्राफिटी और टारगेट किलिंग की साजिश का खुलासा
कुछ दिनों पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली से सोहेल नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि शहजाद भट्टी ने सोहेल को दिल्ली और फरीदाबाद में TTH का प्रचार करने के लिए ग्राफिटी बनाने का निर्देश दिया था। उसे कहा गया था कि दीवारों और प्रमुख स्थानों पर “TTH” यानी तहरीके तालिबान हिंदुस्तान लिखें और नीचे छोटा ‘S’ भी बनाएं, ताकि यह संदेश स्पष्ट हो सके कि इस अभियान का नेतृत्व शहजाद भट्टी कर रहा है।
पुलिसकर्मियों की टारगेट किलिंग की साजिश का भी खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों पर पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर शहजाद भट्टी, आबिद जट्ट और अजमल गुज्जर के संपर्क में थे। इन युवकों को हथियार के साथ वीडियो बनाने और किसी पुलिसकर्मी को गोली मारने का टास्क दिया गया था, जिसके बदले में उन्हें पैसे देने का वादा किया गया था।
जांच में यह भी पता चला कि इन आरोपियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जवान का पीछा कर वीडियो बनाया और गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन गोली फंस जाने के कारण फायर नहीं हो सका। जैसे ही पुलिसकर्मी ने पीछे मुड़कर देखा, आरोपी मौके से फरार हो गए। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बाद में इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस का मानना है कि इन मामलों से संकेत मिलता है कि TTH संगठन के पीछे शहजाद भट्टी और ISI का नेटवर्क सक्रिय है। अब पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और भारत में इस तरह की प्रोपोगेंडा और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिशें कितनी व्यापक हैं।










