नया रोजगार कानून: मनरेगा की जगह विकसित भारत गारंटी बिल
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को समाप्त कर नई विधायी पहल के रूप में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB-G RAM G) का प्रस्ताव संसद में पेश किए जाने की संभावना है। इस नए कानून के तहत राज्य सरकारों को अधिक वित्तीय जिम्मेदारी निभानी होगी और यह मौजूदा काम के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 कर देगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री का प्रस्तावित कदम और इसकी उम्मीदें
कल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लोकसभा में ‘VB-G RAM G’ बिल का परिचय कराएंगे, जो मनरेगा कानून की जगह लेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। यह विधेयक ग्रामीण भारत में रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने के लिए एक नए ढांचे का प्रस्ताव है, जिसे सरकार का दावा है कि यह ग्रामीण विकास में एक बड़ा बदलाव लाएगा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और राजनीतिक विवाद की आशंका
हालांकि, विपक्ष इस नए कानून को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है। संसद में इस विधेयक पर तीखी बहस और टकराव की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कानून को बदलने वाला है। कांग्रेस ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाना सरकार की असली मंशा को दर्शाता है। विपक्ष का आरोप है कि यह बिल अधिकारों पर हमला है और मजदूरों के हितों के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि गांधीजी के ग्राम स्वराज और राम राज्य के आदर्श कभी भी विरोधी नहीं थे, और महात्मा का नाम बदलना इन मूल्यों का अपमान है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे भाजपा-आरएसएस की साजिश करार दिया और कहा कि यह गरीबों के अधिकारों का हनन है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सवाल उठाया कि महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा है, जबकि वह विश्व के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं।











