कांग्रेस नेताओं की समीक्षा बैठक में सचिवों का मूल्यांकन
मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने 10 जनपथ पर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के 64 सचिवों का विस्तृत आकलन किया। इस बैठक में दोनों नेताओं ने सचिवों से उनके राज्यों के शीर्ष पांच कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम पूछे और साथ ही AICC सचिव के सबसे अच्छे गुण को एक शब्द में व्यक्त करने को कहा।
समीक्षा प्रक्रिया और सचिवों का चयन
सूत्रों के अनुसार, इन 64 सचिवों को चार समूहों में विभाजित किया गया था। पहली बैठक सुबह करीब 11 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ हुई। यह समीक्षा उस समय हुई जब कांग्रेस हाईकमान ने करीब एक सप्ताह पहले ही लगभग 130 उम्मीदवारों का फिर से इंटरव्यू लिया था। आमतौर पर AICC सचिवों की नियुक्ति राज्यों में संगठनात्मक कार्यों की देखरेख के लिए की जाती है।
सचिवों की नई नियुक्ति और संगठनात्मक सुधार
कांग्रेस संगठन में बदलाव की योजना के तहत करीब 50 प्रतिशत सचिवों को बदलने का संकेत है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य नए चेहरों को लाना और संगठन को मजबूत बनाना है। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार की बैठक में सचिवों के प्रदर्शन, व्यक्तित्व, संवाद कौशल और वैचारिक स्पष्टता पर विशेष ध्यान दिया गया। हर सचिव से पांच से छह सवाल पूछे गए, जिनमें संगठन की कमियों, अपने राज्यों के शीर्ष कार्यकर्ताओं के नाम, और सचिव के कार्यशैली को एक शब्द में व्यक्त करने जैसे मुद्दे शामिल थे।
बैठक में शामिल एक सचिव ने बताया कि केसी वेणुगोपाल को दी जाने वाली मासिक रिपोर्ट के माध्यम से उनके प्रदर्शन की जानकारी पहले से ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा, “हम हर महीने अपनी रिपोर्ट सौंपते हैं, जिससे उन्हें हमारे कार्यों और दौरे की जानकारी मिलती है।” इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य सचिवों के नजरिए और संगठनात्मक दृष्टिकोण को समझना था।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिवों से अपने सहयोगियों के नाम लेने में हिचकिचाने से मना किया और स्पष्ट किया कि उनसे केवल अपने सहयोगियों के बारे में सकारात्मक बातें ही कहने को कहा गया है। यह समीक्षा कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती और नए नेतृत्व की तैयारी का हिस्सा है, जो आगामी चुनावों में संगठन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।










