दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव परिणामों पर कांग्रेस की समीक्षा
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) छात्रसंघ चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति और प्रबंधन की कमियों को लेकर गंभीर समीक्षा शुरू कर दी है। इस चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओं ने बैठक कर इस पर चर्चा की, जिसमें संगठन की कार्यशैली और चुनावी तैयारी पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस का मानना है कि इस तरह के निराशाजनक परिणाम की उन्हें उम्मीद नहीं थी, और अब संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने का संकल्प लिया गया है।
राहुल गांधी ने नेताओं को दी कड़ी नसीहत और जिम्मेदारी तय करने का निर्देश
राहुल गांधी ने इस बैठक में खासतौर पर कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रबंधन और रणनीति में हुई खामियों के कारण पार्टी को नुकसान हुआ है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि देशभर में युवाओं और जेन-जी से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक सक्रियता तेज हो रही है, ऐसे में दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण छात्र चुनाव में संगठन की चूक बेहद गंभीर है। उन्होंने दोनों नेताओं से पूरी चुनावी रणनीति और परिणामों का जवाब मांगा है।
संगठन महासचिव ने टिकट वितरण और जिम्मेदारी पर उठाए सवाल
बैठक में संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि जब टिकट वितरण के समय सभी उम्मीदवारों की जीत की जिम्मेदारी कन्हैया कुमार ने खुद ली थी, तो फिर चुनाव में हार क्यों हुई? इस दौरान चुनाव प्रचार में हुई कमियों, उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और जमीनी स्तर की रणनीति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि इस हार के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।











