प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया यात्रा का उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी दिनों में स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। यह यात्रा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने उनका स्वागत किया और परंपरागत तरीके से ब्रेड और साल्ट देकर सम्मानित किया, जो मेहमाननवाजी और सद्भाव का प्रतीक है।
स्लोवाकिया यात्रा से दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने यात्रा से पहले कहा कि यह दौरा यूरोपीय संघ के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगा। स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण सदस्य है, और इस यात्रा के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है। इससे पहले अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्लोवाकिया का दौरा किया था, और फरवरी 2026 में राष्ट्रपति पेलेग्रिनी भारत आए थे। पेलेग्रिनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वे प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री की यूरोप यात्रा का अंतिम चरण और वैश्विक मंच
स्लोवाकिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस पहुंचेंगे, जहां वे 16 और 17 जून को एवियन शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में वे विश्व के अन्य नेताओं के साथ आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इसके अलावा, 17 जून को प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात करेंगे। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में वे 18 जून को पेरिस पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपति मैक्रों के साथ ‘VivaTech 2026’ टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इवेंट में भाग लेंगे, जो यूरोप का सबसे बड़ा तकनीकी मंच है।











