पाकिस्तान में हिंदू श्रद्धालुओं को गुरुद्वारे दर्शन से वंचित किया गया
प्रकाश उत्सव के अवसर पर भारत से गए 14 हिंदू श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में गुरुद्वारे देखने का अवसर नहीं मिला। इन श्रद्धालुओं ने दिल्ली के भाटी माइंस क्षेत्र से वीजा प्राप्त कर पाकिस्तान का दौरा किया था। शुरुआत में उन्हें पाकिस्तान में प्रवेश की अनुमति दी गई और गुरुद्वारा कमेटी ने उनका स्वागत भी किया। लेकिन जैसे ही वे बस में बैठने लगे, पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें रोक लिया और हिंदू होने का हवाला देते हुए यात्रा से रोक दिया।
श्रद्धालुओं का उद्देश्य और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
इन श्रद्धालुओं का मुख्य उद्देश्य पंजा साहिब, ननकाना साहिब, करतारपुर साहिब और सच्चा सौदा गुरुद्वारा में मत्था टेकना था। वे गुरु नानक देव के प्रकाश उत्सव के दौरान पाकिस्तान पहुंचे थे। जैसे ही वे सीमा पार कर गए, वहां मौजूद अधिकारियों ने उनकी पहचान पूछी और हिंदू होने की पुष्टि होते ही उन्हें यात्रा से रोक दिया गया। इस घटना के बाद उन्हें वापस लौटने को कहा गया और उनके बस का किराया लगभग 13,000 रुपये भी वापस नहीं किया गया।
आशंकाएं और सरकार से अपेक्षाएं
श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ वीजा और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, फिर भी धर्म के आधार पर उन्हें यात्रा से वंचित कर दिया गया। इस घटना से वे बहुत निराश हैं और उनका मानना है कि उनका धार्मिक उत्साह और भावना आहत हुई है। श्रद्धालु इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं और धार्मिक यात्राओं में बाधाएं न आएं।











