दिल्ली में जज अमन शर्मा की आत्महत्या का मामला: खुलासे और जांच
दिल्ली में जज अमन शर्मा की आत्महत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, और इस घटना से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना के पीछे की वजहें अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई हैं, लेकिन पुलिस की जांच में कई अहम खुलासे हो रहे हैं। अमन के पिता ने अपने बयान में बताया कि उनका बेटा शुरू से ही बहुत होशियार और मेहनती था। उसने पुणे के सिम्बिओसिस कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की और फिर दिल्ली से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की। दिल्ली न्यायालय में उसने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया।
पुलिस ने सभी डिवाइस जब्त कर जांच शुरू की
पुलिस ने इस मामले में अमन के मोबाइल फोन, लैपटॉप और घर के अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया है। अमन के पिता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहा है और उसकी प्रारंभिक शिक्षा अलवर के पब्लिक स्कूल से हुई थी। पुलिस की जांच में अमन के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें उनके पिता ने कहा कि अमन का स्वभाव बहुत ही मिलनसार और जिम्मेदार था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से अमन का व्यवहार बदलने लगा था, और वह परिवार से कम बात करता था।
आत्महत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और मनोवैज्ञानिक तनाव
अमन की शादी उसकी मर्जी से हुई थी, और उसके पिता ने बताया कि वह अपनी पत्नी स्वाति से बहुत प्यार करता था। लेकिन शादी के बाद से ही उनके बीच कुछ अनसुलझे विवाद चल रहे थे, जिनके कारण अमन अंदर ही अंदर घुटता रहा। उसकी बहन ने भी बताया कि अमन का स्वभाव पिछले कुछ महीनों में काफी बदल गया था। स्वाति और उसकी बहन ने अमन को इतना परेशान कर दिया था कि वह अपने ही घर में अकेला महसूस करने लगा। पिता ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि स्वाति इतनी निर्दयी हो सकती है कि उसने अपने पति को अपनी चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया।










