दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी अभियान तेज, जामा मस्जिद के आसपास कार्रवाई का निर्देश
दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों और प्रमुख सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की प्रक्रिया अब बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने जामा मस्जिद के चारों ओर फैली अवैध दुकानों और पार्किंग स्थलों को हटाने के लिए व्यापक सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब तुर्कमान गेट क्षेत्र में पहले से ही अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर तनाव व्याप्त है।
हाई कोर्ट का आदेश और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
जामा मस्जिद क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक एनजीओ (NGO) ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दो महीने के भीतर क्षेत्र की जांच करें और अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत करें। दिल्ली सरकार ने इस आदेश का स्वागत किया है और इसे व्यवस्था सुधारने का कदम माना है।
अधिकारियों की कार्रवाई और तुर्कमान गेट हिंसा की जांच
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं बल्कि व्यवस्था में सुधार का प्रयास है। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शाहजहानाबाद और चांदनी चौक के पुनर्निर्माण के दावे खोखले साबित हुए हैं। वहीं, तुर्कमान गेट पर हुई हिंसा की जांच तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर पत्थरों, कांच की बोतलों और अन्य साक्ष्यों को जुटाया है।
पुलिस का मानना है कि मंगलवार रात को अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पथराव की घटना पूर्व नियोजित थी। अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और सीसीटीवी फुटेज तथा स्थानीय वीडियो के आधार पर कई और दंगाइयों की पहचान की जा रही है। पुलिस इन आरोपियों की तलाश में राजधानी के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही है, साथ ही सोशल मीडिया पर फैले भ्रामक संदेशों की भी जांच की जा रही है।











