दिल्ली एनसीआर में मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खुलासा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में कथित गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने अब तक लगभग 6.37 करोड़ रुपये की नकदी, 16.50 करोड़ रुपये मूल्य की सोने और हीरे की ज्वेलरी, साथ ही 35 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच प्रक्रिया अभी भी जारी है, और इस मामले में नए खुलासे होने की उम्मीद है।
प्रमुख संपत्तियों और नकदी की बरामदगी
ईडी की जांच के अनुसार, दिल्ली के विहार इलाके में स्थित एक आवासीय परिसर में तलाशी के दौरान 5.12 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी मिली है। इसके साथ ही एक सूटकेस में रखी गई सोने और हीरे की ज्वेलरी की अनुमानित कीमत करीब 8.8 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, लगभग 35 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इन सबके साथ ही, पश्चिम दिल्ली के वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता के आवास और फार्महाउस पर भी तलाशी अभियान चलाया गया है।
आगे की जांच और आरोप
ईडी की जांच में पता चला है कि सुनील गुप्ता ने पहले ही इंदरजीत सिंह यादव के सहयोगी अमन कुमार को कर्ज दिया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अमन कुमार ने अपराध से अर्जित धन को छुपाने के लिए बड़ी रकम सुनील गुप्ता को ट्रांसफर करने का प्रयास किया था। वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स से अब तक 1.22 करोड़ रुपये नकद और करीब 8.50 करोड़ रुपये की ज्वेलरी बरामद की गई है। कुल मिलाकर, जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में पैसों के लेनदेन और संपत्ति के स्रोतों की गहराई से पड़ताल कर रही है।











