साकेत सेशन कोर्ट ने दोषी को दी आजीवन कारावास की सजा
एक जघन्य बलात्कार के मामले में साकेत सेशन कोर्ट ने आरोपी को ऐसी कठोर सजा सुनाई है, जिसकी प्रशंसा दिल्ली हाईकोर्ट ने भी की है। अदालत ने दोषी सुमित शाह को POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी को बिना किसी रियायत के पूरी जिंदगी जेल में बितानी होगी।
जज रजनी रंगा का मानवीय संदेश और पीड़िता के नाम चिट्ठी
इस फैसले के अंत में जज रजनी रंगा ने पीड़ित बच्ची के नाम एक भावुक चिट्ठी लिखी। इस संदेश में उन्होंने कहा, “बेटी, अब तुम बिना किसी डर के अपनी जिंदगी जी सकती हो। स्कूल जाओ, दोस्त बनाओ, हंसो, खेलो और अपने सपनों को पूरा करो।” साथ ही कोर्ट ने भरोसा दिलाया कि दोषी को सलाखों के पीछे ही रहना पड़ेगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जज के मानवीय पहलू की की प्रशंसा
इसके बाद आरोपी ने साकेत कोर्ट के इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जज रजनी रंगा के इस मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण की प्रशंसा की। हाईकोर्ट ने कहा कि सामान्यतः अदालतों के फैसले कानूनी भाषा में ही सीमित रहते हैं, लेकिन इस तरह का संदेश पीड़िता को भरोसा और हौसला देता है। अदालत ने माना कि ऐसी संवेदनशील बातें बच्ची को उस भयावह सदमे से उबरने और समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़ने का प्रोत्साहन दे सकती हैं।









