दिल्ली के रोहिणी में नकली सीबीआई छापेमारी का मामला
दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में एक कारोबारी के घर अचानक हड़कंप मच गया जब खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताने वाले लगभग दस व्यक्तियों ने घर में घुसने का प्रयास किया। इन व्यक्तियों ने जबरदस्ती घर में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन महिला के सूझ-बूझ भरे कदमों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। महिला ने गेट खोलने से इनकार कर दिया और साफ शब्दों में कहा, “पहले अपनी पहचान और आधिकारिक दस्तावेज दिखाइए।”
संदिग्ध व्यक्तियों का दबाव और पड़ोसियों की भागीदारी
परिवार का कहना है कि यह संदिग्ध समूह करीब डेढ़ घंटे तक घर के बाहर खड़ा रहा और लगातार अंदर आने का दबाव बना रहा था। महिला ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए घर का दरवाजा नहीं खोला। इस बीच, आसपास के पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। जब उन्होंने इन व्यक्तियों से सर्च वारंट और आधिकारिक पत्र दिखाने को कहा, तो मामला और भी संदिग्ध प्रतीत होने लगा।
फर्जी नोटिस और पुलिस जांच का दौर
मामले के अनुसार, इन व्यक्तियों ने घर पहुंचकर सीबीआई के प्रतीकात्मक कपड़े पहने थे और गले में फर्जी पहचान पत्र लटकाए हुए थे। दबाव बनाने के लिए उन्होंने कारोबारी के पिता के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए एक नोटिस भेजा, जिसमें कथित तौर पर सीबीआई डायरेक्टर के हस्ताक्षर और नाम भी थे। हालांकि, कुछ ही देर में उस संदेश को हटा दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया। जब परिवार और पड़ोसी ने उस नोटिस की हार्ड कॉपी दिखाने को कहा, तो वे बहानेबाजी करने लगे और कहने लगे कि कागजात गाड़ी में रखे हैं। इसके बाद वे चुपचाप वहां से चले गए। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और घटना के CCTV फुटेज की भी जांच शुरू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही पता चलेगा कि यह संदिग्ध समूह कौन था और उनका मकसद क्या था। अभी तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं हुई है।










