दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का मामला
दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अंकित कसाना पर हमला करने का आरोप सामने आया है। कांस्टेबल का दावा है कि लगभग 40 से 50 प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया, गाली-गलौज की और फिर उनके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद वह दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल अस्पताल) में उपचाराधीन हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सरकार ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी पर हमला और उसकी प्रतिक्रिया
अंकित कसाना के अनुसार, वह प्रदर्शन स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी पर तैनात थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान करीब 40 से 50 प्रदर्शनकारियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। उनका कहना है कि शुरुआत में भीड़ ने बदसलूकी की, फिर गाली-गलौज की और अंत में उनके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद वह दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि इस घटना से वह बहुत डरे हुए हैं। उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है।
पुलिसकर्मी की सुरक्षा और प्रदर्शनकारियों का व्यवहार
कांस्टेबल का यह भी आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जाना उनके मनोबल को प्रभावित करता है। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करते हैं, लेकिन कई बार प्रदर्शनकारियों की भीड़ उन्हें ही टारगेट कर लेती है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के प्रदर्शन के दौरान उनके साथ बदसलूकी हुई थी।
अंकित कसाना ने दिल्ली पुलिस और सरकार से अपील की है कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनका मानना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए ताकि वे बिना डर के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें। अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान भी नहीं आया है। घटना से जुड़े अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया का भी इंतजार है।









