दिल्ली में अक्टूबर के पहले सप्ताह में वायु गुणवत्ता का बुरा हाल
मॉनसून के अंत के साथ ही दिल्ली की हवा का मिजाज भी बदला है। इस साल अक्टूबर के पहले सात दिनों में राजधानी की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का औसत 171 रहा, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है। 2023 में यह आंकड़ा 176 था, जिससे स्पष्ट है कि इस बार अक्टूबर की शुरुआत सबसे खराब साबित हुई है।
शुरुआत में दिल्ली की AQI 166 से हुई, जो 2 अक्टूबर को बढ़कर 174 पहुंच गई। 4 अक्टूबर को यह आंकड़ा 187 तक पहुंच गया, जो इस हफ्ते का उच्चतम स्तर था। 5 अक्टूबर को AQI 184 और 6 अक्टूबर को 179 रहा। बुधवार को इसमें मामूली सुधार हुआ और AQI 136 दर्ज किया गया, लेकिन सात दिनों का औसत अभी भी 171 ही रहा।
पिछले वर्षों की तुलना में प्रदूषण का स्तर अधिक
छह साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और स्पष्ट हो जाती है। 2021 में अक्टूबर के पहले सात दिनों का औसत AQI 112 था, 2022 में यह बढ़कर 141 हो गया। 2023 में यह 176 तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे खराब हफ्ता है। 2024 में यह 155 और 2025 में 117 रहा। इस साल का औसत 171 है, जो 2025 की तुलना में बहुत अधिक प्रदूषित हवा का संकेत है।
मौसम और प्रदूषण की स्थिति
बुधवार को दिल्ली का AQI 136 रहा, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार ‘मध्यम’ श्रेणी में माना जाता है। 0 से 50 तक हवा अच्छी मानी जाती है, जबकि 201 से ऊपर का स्तर खतरनाक हो सकता है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार 8 से 10 अक्टूबर तक दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी में रह सकती है, जिससे राहत की उम्मीद कम ही है।
प्रदूषण के साथ ही हवा की गति भी कम है, जो औसतन 10 किलोमीटर प्रति घंटे से नीचे है। वेंटिलेशन इंडेक्स भी 6000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से कम है, जिससे प्रदूषक आसानी से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इस बीच, बुधवार को पराली जलाने के 70 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 37 मध्य प्रदेश, 15 पंजाब, 11 उत्तर प्रदेश और 7 राजस्थान में थे।
साथ ही दिल्ली में तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री पर स्थिर रहा। लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री, अयानगर में 35.5 डिग्री और पालम में 33.8 डिग्री दर्ज हुआ। रिज पर अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री रहा। अक्टूबर शुरू हो चुका है, लेकिन गर्मी और प्रदूषण दोनों ही अभी दिल्ली की हवा को प्रभावित कर रहे हैं।









