दिल्ली पुलिस का नकली दवाओं और कॉस्मेटिक पैकेजिंग का खुलासा
दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्रिंटिंग यूनिट का पर्दाफाश किया है, जो नकली दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों की पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति में संलिप्त थी। इस खबर की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक समाचार एजेंसी को दी। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री के सिलसिले में चल रही जांच के तहत की गई है। पुलिस ने बताया कि तीन मुख्य आरोपियों-श्रीराम, गौरव भगत और प्रमोद कुमार गुप्ता-को पहले ही नकली दवाओं के उत्पादन और विक्रय में कथित भूमिका के कारण हिरासत में लिया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और उनके कार्यस्थल का खुलासा
पुलिस के अनुसार, आगे की जांच में पता चला कि नकली दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों के लिए रैपर और पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई करने वाली एक प्रिंटिंग यूनिट भी इस नेटवर्क का हिस्सा थी। इस क्रम में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान बुराड़ी (Delhi) के निवासी अनिल सिंह रावत (46) और नंगली मोड़ (Delhi) के राहुल अग्रवाल (31) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि रावत रामा रोड पर एक प्रिंटिंग प्रेस चलाता था, जहां से सह-आरोपी श्रीराम को नकली दवाओं और मलहम के लिए प्रिंटेड रैपिंग बॉक्स की सप्लाई की जाती थी। छापेमारी के दौरान प्रिंटिंग प्रेस से मलहम के रैपर और बॉक्स प्रिंट करने के दो डाई फ्रेम भी बरामद किए गए हैं।
प्रिंटिंग यूनिट का नेटवर्क और नकली दवाओं का कारोबार
अधिकारी ने कहा कि राहुल अग्रवाल ने श्रीराम के निर्देश पर रामा रोड स्थित प्रिंटिंग यूनिट से नकली दवाओं के लिए प्रिंटेड रैपिंग बॉक्स का ऑर्डर दिया था। इस पूरे नेटवर्क का उद्देश्य नकली दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों की पैकेजिंग को असली दिखाना था, जिससे इनकी बिक्री आसानी से हो सके।
यह खुलासा इस बात को रेखांकित करता है कि नकली दवाओं का कारोबार कितनी संगठित और व्यापक हो चुका है, और पुलिस की यह कार्रवाई इस अवैध व्यापार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।










