दिल्ली में IPS अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ गंभीर आरोप
दिल्ली में मिजोरम कैडर के IPS अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है। यह मामला दिल्ली में बिना अनुमति के छापेमारी, अवैध हिरासत और संपत्ति की कथित हेराफेरी से जुड़ा हुआ है।
विजिलेंस पुलिस स्टेशन, बाराखंभा रोड में दर्ज FIR नंबर 02/2026 में आईपीएस अधिकारी पर IPC की धाराओं 166, 341, 342 और 409 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह FIR 21 से 30 नवंबर 2023 के बीच हुई घटनाओं को लेकर दर्ज की गई है।
अवैध हिरासत और संपत्ति से जुड़ी जांच
जांच में पता चला है कि शंकर चौधरी ने दिल्ली में बिना किसी लिखित अनुमति या अधिकार क्षेत्र के छापेमारी कराई। आरोप है कि उन्होंने एक विदेशी नागरिक हैरिसन को चार दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा। जांच में यह भी सामने आया कि हैरिसन के घर से लॉकर और बैग जब्त किए गए, लेकिन न तो कोई सीजर मेमो बनाया गया और न ही संपत्ति को मालखाने में जमा किया गया।
हिरासत में लिए गए व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया और न ही कोई गिरफ्तारी रिकॉर्ड तैयार किया गया। यह हिरासत दिल्ली के वसंत विहार स्थित मिजोरम हाउस में ली गई, जिसे कानून के अनुसार अवैध माना गया है। जांच में CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और 13 दिल्ली पुलिस कर्मियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
फुटेज में स्पष्ट दिखता है कि 26 नवंबर 2023 की रात आईपीएस अधिकारी हैरिसन के घर गए और करीब दो घंटे वहीं रहे। इसके बाद उन्हें लॉकर और बैग लेकर बाहर जाते देखा गया।
35 लाख रुपये की वसूली का आरोप और विभागीय कार्रवाई
मामले में 35 लाख रुपये की वसूली का भी आरोप लगाया गया है। 29 नवंबर 2023 को एक महिला ने कॉल कर बताया कि मिजोरम पुलिस ने उसके भाई को पकड़ लिया है और पैसे लेकर और भी मांग कर रही है। इसी रात हैरिसन की रिहाई ने इस मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
जांच में कुछ दिल्ली पुलिस कर्मियों की भूमिका भी सामने आई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस आपराधिक सबूत नहीं मिले। इसलिए विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
ज्वाइंट CP एस. के. जैन ने रिपोर्ट में आईपीएस शंकर चौधरी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की। इस आधार पर 5 फरवरी 2026 को FIR दर्ज की गई है। आगे की जांच ACP विनय कुमार मलिक को सौंपी गई है।











