दिल्ली सरकार की विकास कार्यों में कमी और पुरानी सरकार पर आरोप
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्व सरकार पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए जो कदम आज उठाए जा रहे हैं, वे पिछले दस वर्षों में किए जाने चाहिए थे, लेकिन केजरीवाल सरकार ने इन पर कोई ठोस प्रयास नहीं किए। उन्होंने यह भी बताया कि जलभराव रोकने और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आवश्यक परियोजनाएं मौजूदा सरकार ने सत्ता में आते ही शुरू की हैं।
सड़कें, गड्ढे और बुनियादी ढांचे का अभाव
प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में न तो नई सड़कें बनीं और न ही पुराने गड्ढों को भरा गया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति, सड़क सफाई, नालों का निर्माण, ड्रेनेज मास्टर प्लान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लास्टिक और ई-कचरा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, यमुना सफाई, पार्कों की मरम्मत, फुटपाथ और कूड़े के ढेर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का कोई ध्यान नहीं रहा।
आधुनिक सड़क परियोजनाएं और राहत कार्य
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में 8,000 करोड़ रुपये की लागत से अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 का निर्माण किया गया है, जिसने उत्तर और दक्षिण दिल्ली को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई समस्या आती है, तो मुख्यमंत्री और मंत्री सड़क पर उतरकर समाधान खोजते हैं। प्रदूषण के खिलाफ भी सरकार गंभीर है और इस दिशा में काम कर रही है।
प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि नई सड़क परियोजनाओं के कारण यातायात में सुधार हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रा का समय दो घंटे से घटकर सिर्फ 30 मिनट रह गया है। बागपत और बड़ौत जैसे इलाकों के रास्ते भी आसान हुए हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का परिणाम है।











