दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाई
दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आयोजकों को बड़ी राहत दी है। अब बड़े कांवड़ शिविरों को मिलने वाली वित्तीय सहायता को पहले के मुकाबले बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है, जो पहले 11 लाख रुपये थी। इस कदम का उद्देश्य यात्रा के दौरान होने वाले खर्चों को पूरा करना और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि हर साल बढ़ती श्रद्धालु संख्या, महंगाई और शिविर संचालन की लागत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बढ़ी हुई आर्थिक मदद और मुफ्त बिजली की व्यवस्था
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि शिविरों को 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी। गर्मी और उमस के मौसम में कांवड़ियों के आराम के लिए शिविरों में पंखे, कूलर, लाइटें और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जिससे बिजली की खपत बहुत अधिक हो जाती है। मुफ्त बिजली की व्यवस्था से आयोजकों को अपने खर्चों में राहत मिलेगी और उन्हें बिजली बिल का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। यह कदम आयोजनकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने का प्रयास है।
सरकार का उद्देश्य और तैयारियां
दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित, व्यवस्थित और आरामदायक बनाना है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बढ़े हुए बजट से शिविरों में भोजन, ठहराव और स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर भी सुधरेगा, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी।











