दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन का नया दौर शुरू
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और ऊर्जा स्रोतों की सीमित उपलब्धता के बीच, दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। राजधानी में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ट्रांसपोर्ट विभाग बड़े पैमाने पर प्रयास कर रहा है।
चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और सुधार पर जोर
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में ईवी चार्जिंग नेटवर्क को और अधिक विश्वसनीय और व्यापक बनाया जाए ताकि नागरिकों को इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने में कोई असुविधा न हो। वर्तमान में राजधानी में लगभग 8000 ईवी चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं, और सरकार अगले कुछ महीनों में 3000 नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर कार्यरत है।
नई ईवी नीति और बेहतर सुविधाओं का प्रस्ताव
सरकार नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लेकर 700 से अधिक सुझाव प्राप्त कर चुकी है, जिनमें से अधिकांश सकारात्मक हैं। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए, सरकार उन्हें अपनी नई नीति में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। साथ ही, दिल्ली सरकार जल्द ही नई ईवी पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें सब्सिडी और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ट्रांसपोर्ट मंत्री का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करना नहीं है, बल्कि पूरे चार्जिंग नेटवर्क को भरोसेमंद और आसान बनाना भी है। खराब या बंद पड़े चार्जिंग स्टेशनों की निगरानी के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) और संबंधित एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि नई नीति लागू होने के बाद नागरिकों को चार्जिंग की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा, और राजधानी में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।









