दिल्ली में शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में हिमाचल प्रदेश के आरोपियों की गिरफ्तारी
दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन के संदर्भ में हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित एक रिजॉर्ट से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया है। इन आरोपियों के नाम सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज हैं। क्राइम ब्रांच की एक टीम ने इन तीनों को हिरासत में लेकर दिल्ली क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचाया। वहीं, दूसरी ओर, यूथ कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी, जिसे अनुमति नहीं मिली।
अरबाज अहमद का परिचय और राजनीतिक गतिविधियां
अरबाज अहमद उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का निवासी है। वह मूल रूप से चांदा थाना क्षेत्र के इंदौली गांव का रहने वाला है। सुल्तानपुर शहर के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था। 2022 से वह सक्रिय राजनीति में भाग ले रहा है। उसके पिता फिरोज अहमद वर्तमान में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं और पुराने कांग्रेस नेता हैं। उन्होंने 2022 में सुल्तानपुर शहर विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट लेकर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह चौथे स्थान पर रहे। अरबाज को दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस (मध्य जोन) का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वर्तमान में वह एक निजी शिक्षण संस्थान से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। इससे पहले, वह सुल्तानपुर जिला कांग्रेस का महासचिव भी रह चुका है।
अरबाज अहमद की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई का घटनाक्रम
2022 में पिता फिरोज अहमद द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान अरबाज कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय हो गया। इसी क्रम में, बीते 20 फरवरी को दिल्ली में AI समिट के दौरान हुए शॉर्ट लेस प्रदर्शन में भी वह शामिल था। 22 फरवरी की रात करीब 2 बजे, सुल्तानपुर की कोतवाली पुलिस ने अरबाज के पिता फिरोज अहमद को उनके किराए के मकान से हिरासत में लेकर शाहगंज पुलिस चौकी लाया। उनसे अरबाज के बारे में पूछताछ की गई। जब यह जानकारी स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिली, तो वे भी शाहगंज पुलिस चौकी पहुंच गए। लगभग साढ़े सात घंटे बाद, रविवार सुबह करीब 9:30 बजे, कोतवाली पुलिस ने फिरोज अहमद को छोड़ दिया। इसके दो घंटे बाद, दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम सुल्तानपुर पहुंची और फिरोज अहमद से अरबाज के संबंध में पूछताछ की।











