भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का व्यापक आयोजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 से 13 सितंबर तक भारत में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व के प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इस तीन दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है, जिसमें रूस (Russia), चीन (China), दक्षिण अफ्रीका (South Africa), ब्राजील (Brazil) और भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। इस दौरान भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस में उच्चस्तरीय बैठकें और द्विपक्षीय वार्ताएं हो रही हैं।
सभी प्रमुख नेताओं की बैठकें और सुरक्षा व्यवस्था
12 सितंबर का दिन सबसे व्यस्त रहने वाला है, जिसमें सुबह से ही कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मुलाकातें निर्धारित हैं। सुबह दस बजे से शुरू होकर, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन ह्यूंग और राष्ट्रपति भवन में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकातें होंगी।
शाम को भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण बैठक होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का केंद्र रहेगी। इसके अलावा, अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी विभिन्न बैठकों में भाग लेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में व्यापक सतर्कता बरती जा रही है, जिसमें ट्रैफिक प्रतिबंध और यातायात व्यवस्था का कड़ा प्रबंधन शामिल है।
सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन का विशेष ध्यान
आज के दिन दिल्ली में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है, ताकि ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ से बचा जा सके। साथ ही, दिल्ली मेट्रो का म्यूजियम, राष्ट्रपति भवन, और अमृत उद्यान जैसी जगहें भी जनता के लिए बंद रहेंगी। ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए करीब 4800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, और 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लागू हैं।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने के लिए आईएसबीटी कश्मीरी गेट, बुलेवार्ड रोड और पंचकुइयां रोड का उपयोग करें। हजरत निजामुद्दीन स्टेशन जाने वालों को एम्स, रिंग रोड और आश्रम चौक का रास्ता अपनाना चाहिए। आपातकालीन सेवाओं को रास्ता देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बाधा न आए।









