इंदौर में रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के खिलाफ बड़ी संपत्ति का खुलासा
मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर में रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में व्यापक छापेमारी कर दो माह पहले ही रिटायर हुए इस अधिकारी के इंदौर और ग्वालियर स्थित आठ ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस छापेमारी में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति का पर्दाफाश हुआ है।
संपत्ति और नकदी का बड़ा खुलासा
छापेमारी के दौरान मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारी की अनुमानित आय से कई गुना अधिक संपत्ति और सामान बरामद हुआ है। अभी तक की जांच में करीब 75 लाख रुपये नकद, डेढ़ किलो सोने के बार, करोड़ों के सोने के आभूषण, महंगी गाड़ियां और कीमती परफ्यूम भी जब्त किए गए हैं। मुख्य रूप से इंदौर के पलासिया क्षेत्र में स्थित कैलाश कुंज के फ्लैट से संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं, जो इस कार्रवाई का केंद्र रहा। लोकायुक्त टीम ने बिजनेस स्काई पार्क ऑफिस समेत सात ठिकानों और ग्वालियर के घर पर भी छापेमारी की है।
आय से अधिक संपत्ति का संदेह और जांच का दायरा
रिटायर्ड अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी अनुमानित वैध आय लगभग दो करोड़ रुपये है, जबकि प्रारंभिक जांच में सामने आई संपत्ति का मूल्य लगभग आठ से दस करोड़ रुपये आंका गया है। यह आय से चार से पांच गुना अधिक है। जांच में पता चला है कि भदौरिया के बेटे सूर्यांश भदौरिया और बेटी का संबंध फिल्म इंडस्ट्री से है, और शक है कि दोनों ने फिल्मों में निवेश कर काली कमाई को वैध बनाने का प्रयास किया हो सकता है। डीसीपी लोकायुक्त सुनील तालान के नेतृत्व में यह कार्रवाई जारी है, जिसमें और भी बेनामी संपत्तियों का खुलासा होने की संभावना है।









