दिल्ली में बीजेपी सरकार का पहला साल: वादों और कार्यों का आकलन
दिल्ली में 27 वर्षों के बाद फिर से बीजेपी सरकार का आगमन हुआ है, और इस सरकार का एक साल पूरा हो चुका है। चुनावी प्रचार के दौरान बीजेपी ने जनता से कई बड़े वादे किए थे, जिनमें मुफ्त बिजली, पानी, यमुना नदी की सफाई जैसे अहम मुद्दे शामिल थे। अपने 128 पेज के चुनावी घोषणा पत्र में पार्टी ने इन वादों को पूरा करने का दावा किया था।
जनता ने बीजेपी पर भरोसा दिखाते हुए पूर्ण बहुमत दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने चुनावी वादों को लागू करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए। हालांकि, इस दौरान कई बड़े फैसले तो लिए गए, लेकिन अभी भी कई वादे अधूरे पड़े हैं। सवाल यह उठता है कि बीजेपी सरकार ने अपने किन वादों को पूरा किया है और किन पर अभी भी काम चल रहा है।
मुख्य वादों का पूरा या अधूरा होना
बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में मुफ्त बिजली और पानी की व्यवस्था को बनाए रखने का वादा किया था, जिसे रेखा गुप्ता सरकार ने भी बरकरार रखा है। वहीं, मोहल्ला क्लीनिक की जगह पर 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया, जिनमें अब तक 370 से अधिक मंदिर बन चुके हैं, जहां पर डॉक्टर से सलाह, इलाज और डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य योजनाओं में आयुष्मान भारत और वय वंदना योजना को लागू किया गया है, जिससे लाखों लोगों को मुफ्त इलाज का लाभ मिला है। इसके अलावा, दिल्ली में गरीब महिलाओं के लिए अटल कैंटीन और मातृत्व सुरक्षा योजना शुरू की गई, जिनमें हजारों महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।
अधूरे वादे और लंबी प्रक्रिया
वहीं, कई वादे अभी भी अधूरे हैं। जैसे दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता, बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाना, और गरीब परिवारों की छात्राओं को लाडली योजना के तहत मिलने वाली रकम। इन योजनाओं को लागू करने के लिए सरकार ने बजट भी मंजूर किया है, लेकिन अभी तक इन पर अमल शुरू नहीं हो पाया है।
यमुना नदी की सफाई का कार्य भी शुरू हुआ है, लेकिन पूरी तरह से नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने में अभी भी समय लग रहा है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, लेकिन समस्या जटिल बनी हुई है। सरकार का मानना है कि इन चुनौतियों का समाधान लंबी अवधि की योजनाओं से ही संभव है।











