दिल्ली में घने धुएं और धुंध का प्रभाव
सोमवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया, जिससे शहर की हवा में सांस लेना अत्यंत कठिन हो गया। राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, इस स्थिति में और भी वृद्धि हो सकती है, खासकर मंगलवार को जब हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंचने की आशंका है। इस दौरान, दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाया है, जिससे नागरिकों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वायु गुणवत्ता और प्रदूषण के कारण
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के अनुसार, शाम और रात के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवा की गति 8 किलोमीटर प्रति घंटे से कम हो गई है, जिससे प्रदूषक तत्वों का फैलाव रुक गया है। यदि वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 m²/s से नीचे और हवा की गति 10 km/h से कम रहती है, तो प्रदूषण का प्रसार और भी अधिक गंभीर हो सकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मंगलवार को भी हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रहने की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, PM2.5 का स्तर 155 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 278 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है।
प्रदूषण के स्वास्थ्य प्रभाव और मौसम का हाल
PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सांस लेने में कठिनाई पैदा कर सकते हैं, विशेष रूप से फेफड़ों और हृदय रोग से जूझ रहे व्यक्तियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरनाक हो सकता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, 0 से 50 के बीच स्तर को अच्छा माना जाता है, जबकि 201 से 300 के बीच स्तर खराब श्रेणी में आता है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक था, और न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक था। शाम को नमी का स्तर 58 प्रतिशत रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को हल्की धुंध की संभावना जताई है, और तापमान लगभग 29 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।









