दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा और चोटें
20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित संसद मार्च के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई हैं। इन घटनाओं का मुख्य कारण प्रदर्शनकारियों के ऊपर पैलेट का इस्तेमाल माना जा रहा है, जिससे कई लोगों को चोटें पहुंचीं। इस हिंसा का असर खासतौर पर युवा प्रदर्शनकारियों पर पड़ा है, जिनमें से एक साहिल भी हैं।
साहिल की आंखों पर पड़ा पैलेट का असर और परिवार की चिंता
साहिल, जो उस दिन प्रदर्शन में भाग लेने गए थे, उनके शरीर पर पैलेट के निशान पाए गए हैं। परिवार का दावा है कि उन्हें शरीर पर पैलेट लगे थे, और अब उनकी आंखों की रोशनी खतरे में है। साहिल के चाचा का कहना है कि डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से नहीं बताया है कि उनकी आंखें वापस आएंगी या नहीं, लेकिन उम्मीद बहुत कम है। फिलहाल, साहिल का इलाज दिल्ली के एम्स अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
डॉक्टरों की रिपोर्ट और परिवार की चिंताएं
साहिल के चाचा का कहना है कि डॉक्टरों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें किन-किन चोटों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, उन्होंने खुद साहिल के शरीर पर पैलेट के निशान देखे हैं। परिवार को सबसे ज्यादा चिंता उनकी आंखों की सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि डॉक्टरों ने इस संबंध में बहुत कम उम्मीद जताई है। यह मामला उस दिन की हिंसा का एक गंभीर उदाहरण है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को चोटें पहुंचाई गईं।









