चंद्रशेखर आजाद का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का विरोध, अनुमति नहीं मिली
24 सितंबर को आरक्षण के समर्थन में चंद्रशेखर आजाद का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन निर्धारित था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन के बावजूद अनुमति रोक दी गई है, जिससे उनका आंदोलन प्रभावित हुआ है। इसके बाद उन्होंने देशभर में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के लिए नई रणनीति और ऐतिहासिक महत्व
हालांकि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद, चंद्रशेखर आजाद ने अपने विरोध को जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने 24 सितंबर को पूरे देश में जिला-स्तरीय प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उनकी पार्टी ने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम का प्रचार किया है, जिसमें ’24 सितंबर चलो जंतर-मंतर’ जैसे नारों का इस्तेमाल किया गया है। यह दिन खास इसलिए भी है क्योंकि यह 1932 के पूना पैक्ट की वर्षगांठ है, जिसने दलित वर्गों के लिए निर्वाचन क्षेत्र की व्यवस्था में बदलाव किया था।
सरकार के प्रतिबंध और आंदोलन की चेतावनी
चंद्रशेखर ने कहा कि उन्हें अनुमति नहीं मिलने के बाद भी उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अनुमति नहीं दी गई। सरकार ने चेतावनी दी कि यदि वे बिना अनुमति के प्रदर्शन करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जंतर-मंतर अनुमति नहीं मिलती, तो वे रामलीला मैदान में प्रदर्शन करेंगे।










