एम्स में कैडर रिव्यू को लेकर कर्मचारी प्रदर्शन जारी
देश के प्रमुख अस्पताल एम्स (AIIMS) में अधिकारी और कर्मचारी 15 मार्च से अपनी कैडर रिव्यू (Cadre Review) की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से प्रतीकात्मक रूप से हो रहा है, जिसमें कर्मचारी अपने लंच ब्रेक के दौरान एकत्र होकर अपनी आवश्यकताओं को व्यक्त कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि इस विरोध का अस्पताल की सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इलाज की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है और मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप और लंबित फाइलें
कर्मचारियों का दावा है कि लगभग 13000 कर्मचारी कैडर रिव्यू के कारण प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है, लेकिन संबंधित फाइलें लंबे समय से स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) में लंबित पड़ी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई दशकों से कैडर रिव्यू नहीं हुआ है, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबे इंतजार के बाद अब सभी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो गए हैं।
आगे की रणनीति और संभावित परिणाम
प्रदर्शन में भाग लेने वाले कर्मचारियों का कहना है कि यदि 20 मार्च तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज कर देंगे। कुछ कर्मचारी भूख हड़ताल पर जाने की भी तैयारी कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में एम्स के विभिन्न विभागों के हजारों अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जिनका मानना है कि कैडर रिव्यू का लागू होना उनके लिए अत्यंत आवश्यक है। अब यह देखना बाकी है कि सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं। क्या उनकी मांगें पूरी होंगी या प्रदर्शन और अधिक उग्र रूप लेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।











