पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला गरमाया
राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस जाँच की जिम्मेदारी पटना आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (SIT) संभाल रही है। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रकाश में आने के बाद पूरा घटनाक्रम बदल गया है। इस मामले ने पटना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई।
मामले की शुरुआत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा
6 जनवरी 2026 को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक निजी गर्ल्स हॉस्टल शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही 17-18 वर्षीय NEET की तैयारी कर रही छात्रा को बेहोशी की हालत में पाया गया। उसकी पहचान जहानाबाद (Jaunabad) जिले की निवासी के रूप में हुई। छात्रा को पहले कंकड़बाग के सहजानंद अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे प्रभात मेमोरियल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ने पर उसे मेदांता (Medanta) जैसे बड़े अस्पताल में रेफर किया गया, जहां 11 जनवरी 2026 को उसकी मौत हो गई।
पुलिस की शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बदलाव
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने कहा था कि छात्रा ने अत्यधिक मात्रा में स्लीपिंग पिल का सेवन किया है और शरीर में टाइफाइड जैसे संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज, स्टाफ के बयान और मेडिकल रिपोर्ट से पता चलता है कि कोई यौन शोषण नहीं हुआ है। लेकिन 14 जनवरी 2026 को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि शरीर पर चोटों, खरोंच और बल प्रयोग के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी संकेत है कि जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए हो सकते हैं। इस रिपोर्ट ने पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी को पूरी तरह से पलट दिया है।










