बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान और राजनीतिक नारों की जंग
बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच नारों की प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। सत्ताधारी एनडीए (NDA) की ओर से डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने एक प्रभावशाली नारा दिया था, जिसके जवाब में विपक्षी दलों ने भी अपनी रणनीति के तहत नए नारों का प्रयोग शुरू कर दिया है। इस चुनावी माहौल में नारों का महत्व बढ़ता जा रहा है, जो मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करने का एक प्रमुख माध्यम बन गए हैं।
लालू यादव का नया नारा और राजनीतिक संदेश
आरजेडी (RJD) प्रमुख लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर एक पोस्ट में कहा, “छह और ग्यारह, NDA नौ दो ग्यारह,” जो सीधे तौर पर सत्ताधारी गठबंधन को चुनौती देने का संकेत है। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जेडीयू (JDU) ने भी अपने नारों के माध्यम से यह संदेश दिया था कि चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही पद संभालेंगे। जेडीयू का नारा था, “पच्चीस से तीस, फिर से नीतीश,” जिसका मकसद यह दर्शाना था कि जनता का समर्थन उनके नेतृत्व में है।
चुनाव की तिथियों का निर्धारण और छठ पूजा का महत्व
चुनाव आयोग ने छठ पूजा के बाद ही चुनाव की तिथियों की घोषणा की है। इस दौरान, जेडीयू, आरजेडी और अन्य राजनीतिक दलों ने बैठक में आग्रह किया कि मतदान प्रक्रिया छठ पूजा के बाद ही शुरू की जाए। सूर्योपासना का यह पर्व 25 से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। पहले चरण में बिहार के 16 जिलों की 71 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा। इसके बाद शेष सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा और मतगणना 14 नवंबर को पूरी की जाएगी।










