बिहार में राज्यसभा चुनाव की जंग तेज, वोटिंग का दिन तय
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है क्योंकि राज्यसभा की सीटों को लेकर चल रही खींचतान अब मतदान के अंतिम चरण में पहुंच गई है। सभी छह उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लेने का अंतिम समय समाप्त हो चुका है, और कोई भी प्रत्याशी पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसका अर्थ है कि अब कोई समझौता नहीं होगा, बल्कि मुकाबला सीधा और कड़ा होगा। 16 मार्च को विधानसभा में मतदान की प्रक्रिया पूरी होगी, और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
16 मार्च को होगी वोटिंग और परिणाम की घोषणा, मुकाबला दिलचस्प
बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को ही किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद ही मतगणना शुरू हो जाएगी, और शाम तक परिणाम सभी के सामने होंगे। चूंकि इस बार सीटें पांच हैं और मैदान में छह उम्मीदवार हैं, इसलिए यह चुनाव बेहद रोमांचक बन गया है। विधायकों का गणित ही तय करेगा कि कौन दिल्ली (Delhi) जाएगा और किसका पत्ता कटेगा। इस चुनाव में विधायकों का समर्थन ही निर्णायक भूमिका निभाएगा।
मुख्य उम्मीदवारों की जीत लगभग तय, 5वीं सीट पर टकराव जारी
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और जेडीयू के रामनाथ ठाकुर की सीटें लगभग सुनिश्चित मानी जा रही हैं। इन नेताओं को विधायकों का पूरा समर्थन प्राप्त है, जिससे इनकी जीत लगभग तय है। वहीं, आरएलएम (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की सीट भी लगभग पक्की मानी जा रही है। एनडीए (NDA) का पूरा भरोसा इन सीटों को लेकर है।
लेकिन, चुनाव का असली रोमांच 5वीं सीट को लेकर है। इस सीट के लिए बीजेपी के शिवेश कुमार और आरजेडी (RJD) के एडी सिंह के बीच कड़ी टक्कर हो रही है। दोनों पार्टियां अपने-अपने दावों के साथ जीत का दावा कर रही हैं। इस मुकाबले में जीत का फैसला विधायकों के समर्थन और गणित पर निर्भर करेगा, जो इस चुनाव का मुख्य आकर्षण बना हुआ है।









