सीवान में बिहार बंद के दौरान हिंसक प्रदर्शन और उपद्रव
बिहार बंद के दौरान सीवान जिले में व्यापक हिंसा और उपद्रव देखने को मिला। शहर के जेपी चौक और गांधी मैदान क्षेत्र में सुबह से ही प्रदर्शनकारी जमा हो गए, जिन्होंने जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की। इस हिंसक घटनाक्रम में सीवान के एसपी पूरण कुमार झा को गंभीर चोटें आई हैं और वे घायल हो गए हैं, साथ ही कई मीडिया कर्मी भी चोटिल हुए हैं।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई और हिंसा का वीडियो वायरल
बेकाबू स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारी लाठीचार्ज किया, साथ ही 6 से 7 राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े और दर्जनों राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दिखाया गया कि कैसे पुलिस ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर AK-47 राइफल से फायरिंग की। बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने इस घटना का वीडियो ट्वीट कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दोष छात्रों पर पुलिस ने गोली चलाई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आरोप और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की स्थिति
प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा के खिलाफ विपक्षी नेता और पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा ने कहा कि पिछले 26 दिनों से छात्र जंतर-मंतर पर डटे हैं और पटना में भी सड़कों पर उतरकर सरकार के तानाशाही रवैये का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर पटना तक पुलिस की बर्बरता जारी है, और छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। इस हिंसा के पीछे मुख्य रूप से असामाजिक तत्वों का हाथ माना जा रहा है, जिन्होंने गांधी मैदान के पास बैरिकेडिंग तोड़कर पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और हवाई फायरिंग का सहारा लिया। पुलिस ने कहा है कि हिंसा फैलाने और हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी। पूरे सीवान शहर में तनाव का माहौल है, और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक और पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया था।










