बिहार में नई सरकार का गठन और मुख्यमंत्री पद का इतिहास
बिहार को आखिरकार नया नेतृत्व मिल गया है, जहां सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। लंबे समय से सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह अवसर उन्हें मिला। सम्राट बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बन गए हैं, और यह पहली बार है जब राज्य में बीजेपी का कोई नेता इस पद तक पहुंचा है।
इसके साथ ही, राज्य को दो नए डिप्टी सीएम भी मिले हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने लोक भवन में इन नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रमुख नेताओं का योगदान
बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए (जिसमें बीजेपी, जेडीयू और अन्य पार्टियां शामिल हैं) के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इनमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान, नीतीश कुमार और अन्य विधायक शामिल थे। नीतीश कुमार, जो अब राज्यसभा सांसद हैं, ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और अपने मंत्रिमंडल को भंग कर दिया।
सम्राट चौधरी वर्तमान में तारापुर से बीजेपी विधायक हैं। उन्होंने 2017 में पार्टी में शामिल होने से पहले RJD और JDU में भी कार्य किया। 1999 में पहली बार बिहार सरकार में मंत्री बने, और राबड़ी सरकार के दौरान कृषि मंत्री के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनके पिता शकुनी चौधरी भी राजनीति में सक्रिय थे, और सम्राट को लालू यादव ने युवा और पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में मौका दिया।
कोइरी जाति से आने वाले बिहार के पहले मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी कोइरी जाति (OBC) से आते हैं, और वे बिहार में मुख्यमंत्री पद संभालने वाले दूसरे कोइरी नेता हैं। इससे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह ने यह पद संभाला था, हालांकि उनका कार्यकाल केवल पांच दिनों का ही रहा। सम्राट चौधरी ने एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बनाया है, क्योंकि वे भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के बाद बिहार में उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों पदों पर रहने वाले अकेले नेता हैं।










