असम के जोराहाट में वायुसेना का विमान दुर्घटना, एक जवान शहीद
असम के जोराहाट में भारतीय वायुसेना (IAF) का एक AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें देश ने अपने एक बहादुर सिपाही को खो दिया है। इस हादसे में शहीद हुए भोजपुर के लाल और अग्निवीर जवान दानिश आलम का पार्थिव शरीर रविवार को उनके जन्मस्थान कायमनगर पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा वीर सपूत अपने घर की चौखट पर आया, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों लोगों ने अपने इस बहादुर बेटे को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
शहीद का अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि
कायमनगर गांव में जब शहीद दानिश आलम का पार्थिव शरीर पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में ग्रामीण और परिजन उमड़ पड़े। पूरे क्षेत्र में ‘भारत माता की जय’ और ‘वीर जवान दानिश आलम अमर रहें’ के नारे गूंजने लगे। तिरंगे में लिपटे बेटे का शव देखकर माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
शहीद की जीवन यात्रा और अंतिम विदाई
शहीद दानिश आलम का जन्म मोहम्मद फारुख आलम और अख्तरी बेगम के घर हुआ था। उन्होंने 29 जून 2025 को भारतीय वायुसेना में अग्निवीर के रूप में सेवा शुरू की थी। हाल ही में बकरीद पर घर आए थे और 30 मई को वापस ड्यूटी पर लौटे थे। उनके निधन की खबर से पूरा परिवार शोक में डूब गया। उनके बड़े पिता शहाबुद्दीन अंसारी ने कहा कि उन्हें अपने भतीजे की शहादत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यदि उनके अन्य बच्चे भी देश सेवा का अवसर पाते हैं, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
घर से निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोग अपने वीर सपूत को अंतिम सलामी दे रहे थे। कायमनगर बाजार स्थित कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले इस जवान की शहादत और देशभक्ति की कहानी सदैव याद रखी जाएगी।










