समस्तीपुर में मोहर्रम जुलूस के दौरान हिंसक झड़पें
समस्तीपुर जिले में मोहर्रम के जुलूस के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर हिंसक घटनाएं सामने आईं। नागरबस्ती और रामनगर क्षेत्र में हुई इन हिंसाओं में भारी पथराव और लाठी-डंडे का प्रयोग हुआ। इस संघर्ष में पुलिस के एक जवान सहित कई लोग घायल हो गए।
प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए, स्थिति पर नियंत्रण
घटना की खबर मिलते ही प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाई और बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर भेजा। स्थानीय लोगों और पुलिस की संयुक्त कोशिशों से हालात को नियंत्रित कर लिया गया। फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।
नागरबस्ती और रामनगर में हिंसा के कारण और घटनाक्रम
पहली घटना नागरबस्ती में हुई, जहां ताजिया मिलान के लिए विभिन्न अखाड़ों की टीमें पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते हिंसा भड़क उठी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मथुरापुर के एक अखाड़े का करतब दिखाने के दौरान एक लाठी दुकान में लग गई, जिससे विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने घरों की छतों से पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में दूसरे पक्ष ने भी पत्थर फेंके। कुछ ही समय में पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। दोनों पक्ष लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। यहां तक कि पुलिसकर्मियों को भी अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल और स्थानीय लोगों की मदद से भीड़ को शांत कराया गया।
दूसरी घटना रामनगर में हुई, जहां मोहर्रम जुलूस के दौरान किसी उपद्रवी ने पत्थर फेंक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उपद्रवियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में एक पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम रौशन कुशवाहा और एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने तुरंत ही भारी पुलिस बल तैनात किया। अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी और शांति बनाए रखने की अपील की। अंततः, स्थानीय प्रयासों और पुलिस की सख्त निगरानी से दोनों इलाकों में स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।










