बिहार में शराब तस्करी का नया तरीका सामने आया
मोतिहारी जिले के पूर्वी चंपारण क्षेत्र में एक अनोखा मामला प्रकाश में आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। यहाँ एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चा दिखाई दे रहे थे, मानो ये एक सामान्य परिवार हो। लेकिन पुलिस का दावा है कि यह परिवार असली नहीं, बल्कि शराब तस्करी के लिए तैयार किया गया एक नकली सेटअप था।
उत्तर प्रदेश से बिहार तक चल रहा था तस्करी का जाल
सूत्रों के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से एक लग्जरी कार में भारी मात्रा में शराब बिहार (Bihar) लायी जा रही है। इस खबर के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने तुरंत ही इलाके में जांच शुरू कर दी। कुछ ही देर में एक आलीशान कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
कार की तलाशी में मिली शराब और नई जांच का खुलासा
जब अधिकारियों ने कार की गहराई से जांच की, तो सीट के नीचे छुपाए गए एक खास तहखाने से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। पुलिस का कहना है कि शराब इतनी सावधानी से छुपाई गई थी कि सामान्य जांच में उसकी पहचान करना आसान नहीं था। इस दौरान महिला समेत तीनों को हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह तस्करी के लिए तैयार किए गए ‘किराए के पति’ के साथ यात्रा कर रही थी। उसे हर खेप पर दो हजार रुपये मिलते थे, जबकि महिला को 1500 रुपये और बच्चे को 500 रुपये दिए जाते थे ताकि रास्ते में किसी को शक न हो। महिला ने यह भी खुलासा किया कि इस नेटवर्क में शामिल लोग अलग-अलग जगहों से आते हैं और जरूरत पड़ने पर एक साथ लाए जाते हैं।
इस बार का प्लान उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) पहुंचने का था, लेकिन कोटवा में ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि क्या इससे पहले भी ऐसी तस्करी की घटनाएं हुई हैं।
बिहार में शराबबंदी (Prohibition in Bihar) के बाद से तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इस तरह के ‘किराए के परिवार’ और लग्जरी कार का इस्तेमाल कर शराब की तस्करी का यह नया तरीका पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला है। अब देखना है कि इस खेल का अंत कहां होता है और असली मास्टरमाइंड कौन है।











