बिहार की राजनीति में आरसीपी सिंह की नई भूमिका
बिहार की राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का नाम चर्चा में है। शनिवार को उन्होंने अपने आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की, जो 7 सर्कुलर रोड पर स्थित है। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य की सियासी हलकों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना
आरसीपी सिंह ने विधानसभा चुनाव के बाद से ही नीतीश कुमार और उनके पुत्र निशांत कुमार की प्रशंसा की है, जो उनके राजनीतिक भविष्य के संकेत के रूप में देखे जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उन्होंने अपनी पार्टी ‘आसा’ का विलय जन सुराज में कर दिया था, लेकिन चुनाव परिणामों के बाद प्रशांत किशोर की पार्टी से उनका मोहभंग हो गया। इस वजह से वे लगातार नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि वे फिर से सक्रिय राजनीति में वापसी कर सकते हैं।
पूर्व में जेडीयू में रहे थे मजबूत नेता
आरसीपी सिंह का जेडीयू में हमेशा ही प्रभावशाली स्थान रहा है। 2016 में उन्हें पार्टी का राज्यसभा नेता बनाया गया था और जब नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ा, तो उन्हें ही पार्टी की कमान सौंपी गई। उस समय वे जेडीयू के दूसरे सबसे ताकतवर नेता थे। लेकिन केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद उनके और नीतीश कुमार के बीच दूरियां बढ़ गईं, और दोनों ने अलग राह पकड़ ली। अब उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक विश्लेषक यह देख रहे हैं कि क्या यह सिर्फ शिष्टाचार की मुलाकात है या बिहार की राजनीति में नए समीकरण का संकेत है।










