पटना के ऐतिहासिक 10 सर्कुलर रोड बंगला अब सियासी बदलाव का प्रतीक
बिहार की राजधानी पटना में स्थित प्रसिद्ध 10 सर्कुलर रोड बंगला, जो पिछले बीस वर्षों से सूबे की राजनीति का केंद्र रहा है और लालू-राबड़ी परिवार का मुख्य आवास रहा है, अब पूरी तरह से नए राजनीतिक रंग में रंग चुका है। महागठबंधन सरकार के जाने और नई सरकार के आने के बाद इस बंगले से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का चुनाव चिन्ह ‘लालटेन’ और राबड़ी देवी का नाम पट्टी हटा दी गई है। इस बंगले का हरा रंग भी अब गायब हो चुका है और मुख्य द्वार को गेरुआ रंग से रंगा जा रहा है।
बंगले का नवीनीकरण और नई पहचान
बिहार सरकार ने इस ऐतिहासिक बंगले को प्रदेश के नए पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया है। इस समय बंगले में बड़े पैमाने पर मरम्मत, रंगरोगन और नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, सावन के पवित्र महीने में मंत्री नंद किशोर राम विधि-विधान से इस सरकारी आवास में शिफ्ट हो जाएंगे।
लालटेन हटाने की अंतिम प्रक्रिया और राजनीतिक संदेश
लालू यादव ने खुद एक व्यक्ति को भेजकर इस बंगले की आखिरी लालटेन उतारवाया। बंगले के दूसरे गेट पर अभी भी एक छोटी सी लालटेन बची थी, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई थी। इसके बाद लालू प्रसाद यादव ने एक प्रतिनिधि को भेजकर सुरक्षा कर्मियों से बातचीत कर अंतिम लालटेन को भी सुरक्षित रूप से हटा लिया।
इसके साथ ही, राबड़ी देवी के नाम की ऐतिहासिक नेमप्लेट भी हटा दी गई है, जिससे इस बंगले पर लालू परिवार या राजद का कोई आधिकारिक निशान नहीं बचा है। इस खबर के साथ ही, बंगले की शोभा बढ़ाने वाली नेमप्लेट और लालटेन की समाप्ति ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है।
बिहार में यह परंपरा बन चुकी है कि सरकारी आवासों का रंग गेरुआ ही होता है, और अब 10 सर्कुलर रोड भी पूरी तरह भगवा रंग में रंग चुका है। इस बदलाव को सामाजिक न्याय की राजनीति का प्रतीक माना जा रहा है, जो नई राजनीतिक दिशा की ओर संकेत करता है।











