प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा की सदस्यता ग्रहण की
प्रशांत किशोर, जो जन सुराज के संस्थापक और प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार हैं, ने सोमवार को आधिकारिक रूप से बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। इस अवसर पर विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें विधायी सदन की सदस्यता की औपचारिक शपथ दिलाई।
शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्होंने उस सदन की सदस्यता ग्रहण की है, जिसमें भारत रत्न प्राप्त नेताओं जैसे कर्पूरी ठाकुर, कृष्ण सिंह, अनुग्रह नारायण, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, सुशील मोदी और रामविलास पासवान जैसे दिग्गज शामिल रहे हैं।
प्रशांत किशोर का राजनीतिक सफर और भविष्य की योजनाएं
प्रशांत किशोर ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में आठ वर्षों तक जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने से की। उन्होंने बिहार के बांकीपुर सीट से उपचुनाव लड़ा और 30 जुलाई 2026 को संपन्न हुए चुनाव में बीजेपी के नीरज कुमार को 18,953 वोटों से हराकर पहली बार विधायक बने। यह उनका पहला चुनाव था।
शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। इससे पहले, सितंबर 2018 में जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) ने उन्हें अपने राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में नियुक्त किया था, लेकिन जनवरी 2020 में नीतीश कुमार के साथ मतभेद के कारण पार्टी छोड़ दी।
आगे की राजनीति और युवा रोजगार के वादे
प्रशांत किशोर ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 10,000 युवाओं को रोजगार देंगे, जिससे भाजपा और जदयू की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि वह बिहार में युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उनकी यह पहल और राजनीतिक गतिविधियां बिहार की राजनीति में नई ऊर्जा भरने की उम्मीदें जगा रही हैं। प्रशांत किशोर का जन्म 20 मार्च 1977 को बिहार के रोहतास जिले में हुआ था, और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बक्सर जिले में प्राप्त की।











