बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां तेज
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के तहत जेडीयू प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार गुरुवार को मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होने वाले इस शपथ समारोह में सभी की नजरें निशांत कुमार पर टिकी हैं, जिन्हें मंत्री पद देने के लिए सहमति मिल रही है।
नीतीश कुमार के बेटे की राजनीतिक एंट्री और कैबिनेट में संभावित भूमिका
नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने अपनी राजनीतिक शुरुआत सदभावना यात्रा के माध्यम से की है, जिससे वे सियासी माहौल का जायजा ले रहे हैं। जेडीयू का शीर्ष नेतृत्व और नीतीश कुमार का परिवार निशांत को मनाने में जुटा है, जिन्होंने पहले मंत्री पद लेने से इनकार कर दिया था। यदि निशांत कुमार सहमत हो जाते हैं, तो वे गुरुवार को सम्राट चौधरी की सरकार में शामिल हो जाएंगे। 7 मई 2026 को पटना के गांधी मैदान में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नीतीश कुमार जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। इस कारण सभी की निगाहें निशांत कुमार पर हैं।
कैबिनेट विस्तार में कौन-कौन हो सकते हैं शामिल
जेडीयू के संभावित मंत्रियों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, सुनील कुमार, मदन सहनी और मोहम्मद जमा खान जैसे नेता शामिल हैं, जो पहले भी नीतीश कुमार की सरकार का हिस्सा रह चुके हैं। इसके अलावा, नई संभावित चेहरों में शीला मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, बुलो मंडल और विनय चौधरी के नाम चर्चा में हैं, जिन्हें सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। साथ ही, युवा नेताओं को भी मौका दिए जाने की संभावना है। जेडीयू के एक धड़े का समर्थन निशांत कुमार को मंत्री बनाने के पक्ष में है, जबकि वे अभी भी इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। पार्टी के शीर्ष नेताओं और नीतीश कुमार के परिवार के सदस्य निशांत को मनाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि वह इस महत्वपूर्ण कदम के लिए सहमत हो सकें।










