जयपुर में मैथिली ठाकुर का भावुक अनुभव और मंदिर दर्शन
बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका और दरभंगा के अलीनगर से निर्वाचित भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर जयपुर के ऐतिहासिक गोविंददेवजी मंदिर पहुंचीं। मंदिर के भक्तिमय माहौल और भजनों ने उनके हृदय को इतना प्रभावित किया कि उनकी आंखों से आंसू निकल आए। यह दृश्य उनके लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला था।
मंदिर में भजन और भावुकता का संगम
मैथिली अपने दोनों भाइयों ऋषभ और अयाची के साथ मंदिर पहुंची थीं। जब वहां पर गूंज रहे भजनों में से एक था, “आज तो नवेली राधा गोरल पूजण आई छै, गोरल पूजण आई छै,” तो वह खुद को रोक नहीं सकीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था, लेकिन जब वह गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन कर रही थीं, तो भक्तों के भजन, घंटियों और तालियों की ध्वनि ने उनके मन को छू लिया। उन्होंने कहा कि आंखों से आंसू बहते रहे और ऐसा लगा कि उनका मन का बोझ हल्का हो गया है।
सांस्कृतिक और राजनीतिक संदर्भ में चर्चा
बता दें कि मैथिली ठाकुर न केवल एक प्रसिद्ध गायिका हैं, बल्कि सक्रिय राजनेता भी हैं। उन्होंने पिछले साल ही भाजपा के टिकट पर अलीनगर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई है। जयपुर में आयोजित ‘रंग राजस्थान रंग रथ यात्रा’ कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान उनका एक बड़ा संगीत कार्यक्रम भी हुआ। मैथिली भोजपुरी, हिंदी और लोकगीतों में पारंगत हैं और शास्त्रीय संगीत का भी प्रशिक्षण प्राप्त है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया और सोशल मीडिया पर लिखा कि मैथिली ठाकुर ने अपनी सुरीली आवाज से भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। इस दौरान दोनों के बीच सांस्कृतिक विरासत और लोक कला के संरक्षण पर चर्चा हुई। यह मुलाकात और बातचीत उनके जड़ों से जुड़े रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है।











