पटना की अदालत से खान सर को जमानत मिलने का मामला
पटना की जिला अदालत ने खान सर को जमानत प्रदान की है, जिसके बाद उनके वकील मुरारी तिवारी ने यह दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस पूरे मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खान सर का इस घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और अदालत ने मामले के तथ्यों का गहराई से विश्लेषण करने के बाद राहत दी है।
मामले में खान सर का नाम कैसे जुड़ा, इसकी पूरी कहानी
मुरारी तिवारी के अनुसार, घटना के समय खान सर के कोचिंग संस्थान पर भारी भीड़ ने हमला किया था। सुरक्षा गार्डों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में फायरिंग की, जिसमें एक गार्ड को गंभीर चोटें आईं। इस दौरान, एक गार्ड के साथ मारपीट भी हुई।
उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद सबसे पहले खान सर के कर्मचारी ने रोशन नामक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद वह जेल भी गया। लेकिन बाद में, खान सर का नाम भी इस मामले में जोड़ दिया गया, जबकि उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
खान सर के खिलाफ आरोपों और कानूनी स्थिति
मुरारी तिवारी ने कहा कि खान सर का कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले से ही एक पुराने मामले में उन्हें जमानत मिल चुकी है, जो किसी भी तरह से समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने वाला नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि एक अन्य एफआईआर का जिक्र किया गया, लेकिन खान सर को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। यह मामला पुलिस ने अपने स्तर पर दर्ज किया था, जिसमें भी खान सर की कोई भूमिका नहीं थी। वर्तमान में, मामले की सुनवाई जारी है और कानूनी प्रक्रिया अदालत में चल रही है।










