सोशल मीडिया पर नकली वीडियो का बढ़ता प्रभाव
भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह घटना बिहार के भोजपुर जिले की है। इस वीडियो में छह पुलिसकर्मी हथियारों के साथ एक व्यक्ति के सामने खड़े हैं, और अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई देती है। उस व्यक्ति की आवाज में कहा जाता है, “मारो, मारो, मारो… मेरा बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। क्या देशभक्त लोग गोलियों से डरते हैं?” यह वीडियो 1 करोड़ 20 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है, लेकिन जांच में पता चला है कि यह पूरी तरह से नकली और स्क्रिप्टेड है।
वास्तविकता से परे बनाये गए वीडियो और उनका मकसद
यह वीडियो भरत तिवारी की आवाज से लिया गया है, लेकिन इसमें दिखाई दे रहे दृश्य पूरी तरह से नकली हैं। इसे ‘जुगाड़ू बाबा’ नामक कंटेंट क्रिएटर की टीम ने तैयार किया है, जो सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो बनाकर अपनी पहुंच बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इन वीडियो का मुख्य उद्देश्य लोगों की जिज्ञासा को भुनाना और अधिक व्यूज प्राप्त करना है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें भरत तिवारी की मौत या अंतिम संस्कार का दावा किया जाता है, जबकि वे पूरी तरह से झूठे हैं।
फेक वीडियो और उनके पीछे का सच
इन फर्जी वीडियो में भरत तिवारी की आवाज का इस्तेमाल तो किया गया है, लेकिन दृश्य और घटनाएं पूरी तरह से कल्पना पर आधारित हैं। इन वीडियो को बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स का मकसद सिर्फ व्यूज और लाइक्स बढ़ाना है। कई सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे ‘मिस्टर जुगाड़ू’ ने इस मामले से जुड़े वीडियो पर करोड़ों व्यूज हासिल किए हैं, जबकि उनके पहले के वीडियो बहुत कम दर्शकों को आकर्षित करते थे। इन फर्जी वीडियो के साथ-साथ, भोजपुरी गायक और यूट्यूब चैनल भी इस घटना को भुनाने में लगे हैं, जिनमें ‘एनकाउंटर चालीसा’ जैसे गाने और बिरहें बनाई जा रही हैं।











