बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया शुरू
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पद संभालने के केवल 22 दिनों बाद ही गुरुवार को मंत्रिपरिषद का विस्तार किया जाएगा। पटना के गांधी मैदान में राज्यपाल सैयद अता हसनैन 31 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। इस मंत्रिमंडल विस्तार का उद्देश्य बिहार के जातीय और सामाजिक समीकरणों को संतुलित करना है।
मंत्रिमंडल में शामिल होंगे विभिन्न जातियों के नेता
सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली कैबिनेट में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कोटे से 15 मंत्री शपथ लेंगे, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कोटे से 13 नए मंत्री शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDAs) के घटक दलों से भी मंत्री बनाए जाएंगे, जिनमें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) से दो मंत्री, और जीतनराम मांझी तथा उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों से एक-एक मंत्री शामिल हैं।
जाति आधारित मंत्री पदों का वितरण और राजनीतिक समीकरण
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा का प्रभाव मजबूत हो जाएगा, लेकिन जेडीयू का भी महत्वपूर्ण स्थान रहेगा। दोनों दल अपनी-अपनी सामाजिक और जातीय आधार को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपदों का चयन कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कौन-कौन सी जातियों से कितने मंत्री बन रहे हैं, इसकी पूरी सूची भी तैयार है।










