बिहार में अपराध और पुलिस कार्रवाई पर नई बहस शुरू
पिछले छह महीनों में बिहार में सत्ता के समीकरण बदलने के साथ ही अपराध और पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक महीने पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों का एनकाउंटर जाति पूछकर किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री का तर्क और पुलिस की खुली छूट
इसके जवाब में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कुछ लोग अजीब सवाल कर रहे हैं। उनका तर्क है कि पुलिस यदि एनकाउंटर करे तो पहले जाति पूछनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं तो पुलिस से कहूंगा—पूछ लो! जाति पूछकर ही गोली चलाओ, ऐसे मत चलाओ। बिहार के लिए सबसे जरूरी सुशासन है।” उन्होंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई अपराधी पुलिस को चुनौती देता है, तो उसका जवाब 48 घंटे के भीतर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस शक्ति और सुशासन के लिए है, और इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार में अपराध की घटनाएं और पुलिस का कदम
बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। समस्तीपुर के उजियारपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने एक बदमाश को पैर में गोली मारी। यह गिरोह जिले में लूट और हत्या की घटनाओं में शामिल था। वहीं, भागलपुर में गंगा नदी में एक अपराधी ने अपने देशी कट्टे को विसर्जित किया, जो पुलिस के खौफ का प्रतीक माना जा रहा है। इस घटना को ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के नाम से भी जाना जा रहा है, जिसमें अपराधियों का मनोबल गिराने का प्रयास किया जा रहा है।











