तेजस्वी यादव का लोकभवन मार्च का ऐलान और सरकार पर आरोप
तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को लोकभवन मार्च करने की घोषणा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन से लगातार जवाब मांगा जा रहा है, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा है। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसने AK-47 चलाने का आदेश दिया। इस मामले में अभी तक किसी भी बड़े अधिकारी या नेता ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीकांड का मामला
तेजस्वी यादव ने कहा कि पेपर लीक आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं और सिवान के तीन छात्रों को गोली लगी। उन्होंने बताया कि जब इस मुद्दे को संसद में उठाया गया, तो किरण रिजिजू ने कहा कि गोली नहीं चलाई गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में गोली चलाने की बात स्वीकार की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के मंत्री इस मामले में गुमराह कर रहे हैं।
सीएम और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी न तो छात्रों से मिले और न ही उन्होंने कोई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। गोली लगने वाले छात्रों से मिलने तक कोई नहीं पहुंचा। तेजस्वी यादव का आरोप है कि सम्राट चौधरी की अनुमति के बिना गोलियां नहीं चली होंगी और आदेश पर ही AK-47 से फायरिंग हुई।
निलंबन और न्यायिक जांच की अनदेखी
उन्होंने कहा कि अभी तक एक भी अधिकारी का निलंबन नहीं किया गया है। न्यायिक जांच की मांग को भी खारिज कर दिया गया है, और केवल एक छोटे सिपाही पर ही कार्रवाई हुई है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में हर परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, और सवाल उठाया कि आखिर क्यों और कैसे यह पेपर लीक होते हैं।
छात्रों का समर्थन और शिक्षा का महत्व
तेजस्वी यादव ने बीपीएसी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि बिना शिक्षा के बिहार का विकास संभव नहीं है। उन्होंने लाठीचार्ज और जेल जाने वाले छात्रों को सलाम किया और कहा कि जाति-धर्म से ऊपर उठकर एकजुट होने पर सरकार को झुकना पड़ेगा।











