बिहार में विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के लिए नई व्यवस्था
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के साथ ही साथ सात राज्यों की आठ सीटों पर हो रहे उपचुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाना है। चुनाव आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि हर मतदान केंद्र पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं का सुनिश्चित होना अनिवार्य है।
मतदाता सुविधाओं का विस्तार और जागरूकता अभियान
चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर पेयजल, प्रतीक्षालय, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए आसान ढलान वाले रैम्प जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही, एक मानक मतदान कक्ष और स्पष्ट संकेतक भी स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। मतदाताओं को जागरूक करने के लिए, सभी मतदान केंद्रों पर चार प्रकार के मतदाता सुविधा पोस्टर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे। इन पोस्टरों में मतदान केंद्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची, मतदान से संबंधित जरूरी निर्देश, पहचान पत्र की सूची और प्रक्रिया की जानकारी शामिल होगी।
मतदाता सहायता और मतदान प्रक्रिया में सुधार
चुनाव आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सहायता बूथ (VAB) स्थापित करने का भी निर्देश दिया है। इन बूथों पर बूथ स्तर के अधिकारी या कर्मचारी मतदाताओं को उनके मतदान केंद्र का क्रमांक और सूची में अपना स्थान खोजने में मदद करेंगे। इसके अलावा, मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी शुरू की जाएगी, ताकि मतदाता अपने फोन मतदान के दौरान जमा कर सकें और बाद में वापस ले सकें। चुनाव आयोग ने इन प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है, और इसकी निगरानी भी की जाएगी।










